heart-touching-bewafa-shayari-in-hindi-khudgarz-khuda
§ 💔 दर्द / Sad200 reads

heart-touching-bewafa-shayari-in-hindi-khudgarz-khuda

┌──┐└──┘
जिसे खुदा समझा था, वही खुदगर्ज निकला, छोड़ कर मुझे, किसी और हमदर्द निकला। शिकायत करूँ भी तो, किस खुदा से करूँ, जिसने मुझे मिलवाया था, या जिससे मैं मिला था। वो खुदा तो भूल गया मुझे, कि मेरे खुदा से मिलवाया नहीं, एक खुदा ने दक्षिणा में खुशियाँ ले लीं, और दूसरे खुदा ने वरदान में दर्द-ओ-सितम दे दिया। मरने पर मेरा दिल निकाल कर मुझे जलाना, मेरे दिल में मेरा खुदा है, रस्मो-रिवाज में मेरे खुदा को मत जला देना।

— shayariprime.com

🔗 Share this Kavita:WhatsAppTwitter / XFacebook
∿ ∿ ∿

मिलती-जुलती कविताएँ