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दर्द भरी शायरी

58 beautiful sad shayari — sorted by popularity

zindagi-ki-falsafa-tamana-shayari
💔 दर्द
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ज़िंदगी की खोज में ज़िंदगी से ही भटक गए हैं हम, न जाने किस चीज़ की तमन्ना थी, कि अब सारी तमन्ना ही ख़त्म हो गई।🌫️🚶‍♂️😔
tum-cigarette-nahi-chahat-ho-shayari
💔 दर्द
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तुम Cigarette नहीं हो कि मेरी आदत हो तुम्हें छोड़ दूं, तुम तो चाहत हो मेरी जान, जान निकलने के बाद भी, जान-ए-मन, तुम्हें नहीं भूल पाऊंगा। 🫀❤️🌹♾️
dil-ke-kiraydaar-hindi-kavita
💔 दर्द
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adhuri-mohabbat-part-2 कितनी मासूम थी वो, मुस्कान से क़त्ल कर दी थी, पलके झुका के, पल भर में अपना बना ली थी। वो जो बातों बातों में, कोई बात नहीं कह जाती थी, उनकी यही तकीया कलाम, हर बात याद दिला जाती थी। रुमाल जिस पे रख दिया, वो सीट उनका हो गया, उसने नज़र मुझ पर रख दी, मैं भी उनका हो गया। अदब थी उनकी अल्फ़ाज़ में, अपना सा वो लगती थी, सादगी से मुस्कुराकर, जब वो हाल मेरा पूछती थी। हया थी उनकी आँखों में, कसक थी उनकी बातों में, कैसे न बिखरते हम, कसिस थी उनकी ज़ुल्फ़ों में। आप से तुम पे जब आती वो, अपनापन का एहसास होता, उनके ग़ुस्से में जो सवाल होता, उसी में मेरे लिए जवाब होता। ग़ज़ब का किरदार निभाया हम दोनों ने अपनी-अपनी अल्फ़ाज़ों को, कितना छुपाया हम दोनों ने, ख़ामोशी ने ही तहलका मज़ा दिया, शब्द से ज़्यादा बयान कर दिया आँखों ने। इशारों में वो बात करती, इश्क़ का वो जज़्बात रखती, अल्हड़ सी थी उनकी हरकतें, रोमांचक कर देती उनकी बातें। दिल के किराएदार से दिल लगा बैठा, ये नादानी में हमने कैसा रोग लगा बैठा, किराएदार कभी अपना घर समझते नहीं, किस परदेसी से हमने दिल लगा बैठा। अब अलविदा कहने का समय आ गया, अरमानों का गला घोटने का समय आ गया, कितने जज़्बात और अल्फ़ाज़ अंदर रह गए, यही सोचकर आँसू बाहर आ गए। सोचकर ही सहम जाता हूँ, खोने से उनको डर जाता हूँ, क्या हाल होगा उस दिन, मुलाक़ात आख़िरी होगी जिस दिन। झूठा ही सही, दिलासा तो था उनका, मालूम था कभी मिलेगी नहीं, पर फिर भी आशा तो था उनका। उम्मीद की मोमबत्ती जल रही थी, ज़िन्दगी में नूर फैल रही थी, मुद्दत हो गई थी मोमबत्ती जले हुए, अब वो भी लड़खड़ाकर बुझ रही थी। मुस्कुराकर जब वो रुख़सत होगी, फ़र्ज़ हम भी अपना निभा देंगे, हंसी झूठी ही सही, हँसकर उनको अलविदा कह देंगे। यह एक Poetry Series है, इसके बाकी पार्ट भी पढ़ें: by Raju Raj
heart-touching-bewafa-shayari-in-hindi-khudgarz-khuda
💔 दर्द
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जिसे खुदा समझा था, वही खुदगर्ज निकला, छोड़ कर मुझे, किसी और हमदर्द निकला। शिकायत करूँ भी तो, किस खुदा से करूँ, जिसने मुझे मिलवाया था, या जिससे मैं मिला था। वो खुदा तो भूल गया मुझे, कि मेरे खुदा से मिलवाया नहीं, एक खुदा ने दक्षिणा में खुशियाँ ले लीं, और दूसरे खुदा ने वरदान में दर्द-ओ-सितम दे दिया। मरने पर मेरा दिल निकाल कर मुझे जलाना, मेरे दिल में मेरा खुदा है, रस्मो-रिवाज में मेरे खुदा को मत जला देना।
teri-saans-mein-meri-maujudgi-shayari
💔 दर्द
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जिस दिन तेरी साँस में मेरी मौजूदगी न हो, उस दिन समझ लेना कि मैं इस दुनिया में मौजूद नहीं हूँ।
maut-meri-mehbooba
💔 दर्द
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maut-meri-mehbooba

मेरे ख्वाबों की परी थी, या फिर कहूं कोई स्वर्ग की अप्सरा, हाथों में फूल लिए, मुझे इज़हार कर रही थी। मैंने बोला हर कोई बेवफा है यहाँ, वो बोली मैं वफ़ा निभाऊँगी, जब अपने आलिंगन में सुलाऊँगी| फिर देखना, देखने हमारी जोड़ी को सब दूर-दूर से आएंगे, कोई मिठाई तो कोई फूल भी साथ में लाएंगे। नहला-धुला के सब हमें सजाएंगे, जब चलेगी हमारी बारात, दुश्मनों के भी आँसू छलक जाएंगे। बारी-बारी से सब हमें, कंधों पर आख़िरी सैर कराएंगे, फिर अग्नि माँ को साक्षी मानकर, उनकी गोद में, हम दोनो हमेशा के लिए, एक-दूसरे में खो जाएंगे।
yaadon-ka-ghar-kavita
💔 दर्द
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घर तो यादों का घर था, जब यादें ही मिट गई, तो अब वो घर कहाँ? महज़ मिट्टी की एक दीवार रह गया। बचपन से बाँधकर जो रखी थी यादें, कहानी की तरह जो सुनाते थे यादें, वो यादें महज़, यादें ही रह गई। जो अपनों की थी कुछ नाज़ुक यादें, अपनों ने ही मिट्टी में मिला दी, वो नाज़ुक यादें। जिसे सोने सा दिल में सजाकर रखा था, कच्ची उम्र की थी कुछ नाज़ुक यादें, ढलती शाम में सिमट गई वो यादें, तन्हाई में तन्हा कर गईं वो यादें। घुटन सी होती है अब उस घर में, जिसमें सुकून कभी मिलती था, चमक-धमक की दीवारों में, धुंधली सी हो गई मेरी यादें। इससे तो बेहतर यही था, कि मैं ही एक याद बनकर रह जाता, इससे पहले कि मिटती मेरी यादें।🏡🍂💔🌙
mohabbat-ka-ilzaam-naseeb-shayari
💔 दर्द
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तुझे देखकर दिल दगमगाया था, खुद को लाख समझाया, पर कदम लड़खड़ाया था, हमें मालूम था मोहब्बत का आख़िरी इल्ज़ाम, पर अपना नसीब तो आज़माना था।💔🥀🖤
intezaar-shayari-ek-tarfa-pyar
💔 दर्द
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इज़हार नहीं किया, फिर भी तेरा इंतज़ार करूँगा, मालूम है मिलना मुमकिन नहीं, फिर भी तेरा इंतज़ार करूँगा। छोड़ दूँगा तेरा इंतज़ार उस दिन, जिस दिन लाल जोड़े में तुम सजोगी, क्योंकि उसी दिन सफ़ेद जोड़े में मैं भी सजूँगा।
badnaseebi-shayari-tu-hi-naseeb-mein-nahi
💔 दर्द
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तुझे ही अपना नसीब माना था, और तू ही नसीब में नहीं, कैसी ये बदनसीबी है, जो था सब कुछ, वही नसीब में नहीं। 💔✨😞
waqt-badalti-bewafa-intezaar-shayari
💔 दर्द
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एक हम हैं, हर घड़ी उसी की राह देखते हैं, और एक वह है, जो घड़ी की सुई की तरह, वक़्त के साथ बदलती रहती है।⏳👀🥀
janaze-par-aane-wali-bewafa-shayari
💔 दर्द
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तेरी माँग में सिंदूर न सजाने का, वादा मैंने पूरा किया, तुम भी वफ़ा निभा जाना, आकर मेरे जनाज़े को सजा जाना। रक़ीब के साथ जब, तुम डोली में मेरी गली से निकलोगी, सुनाई देगी तुझे अपने नाम की चीख़, दो पलटकर मत देखना। तुझे क्या लगा था, इंसान के मरने पर इश्क़ भी ख़त्म हो जाता है? सिर्फ़ शरीर मरते हैं, रूह यादों में भटकती रह जाती है। By Raju Raj