
college-love-shayari-in-hindi
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तेरी चंचलता देखकर, दिल, तुम पर मोहित हो जाता था। तेरी मासूमियत देखकर, मैं तुम पर मर मिटता था। तुम मुस्कुराती थीं कितने अदब से, कि मैं बेअदब हो जाता था। डिम्पल जो बनते थे तेरे गालों पर, वो चेहरा मेरे ज़ेहन में उतर जाता था। भौंहें उठाकर जो तुम आँखों से सवाल उठाती थीं, जवाब होते हुए भी मेरी ज़ुबान बंद हो जाती थी। तुम हर बार मुझसे जीतना चाहती थीं, और मैं जीतकर भी हारना चाहता था। तेरे ओठ कुछ कहना चाहते थे, पर तुमने कभी कहा नहीं, और मैंने कभी समझा नहीं।
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